As per Directorate SBM-G Permanent Order No. 01/2024 (Dated 03.09.2024)
| Activity | Rate (INR) |
|---|---|
| Door-to-Door Collection (1a) | ₹ 0.88per Household/Day |
| Door-to-Door Collection (1b) | ₹ 2.63per Household/Day |
| Waste Segregation | ₹ 0.45per Household/Day |
| Drain Cleaning (Naali Safai) | ₹ 57.69per Cubic Meter |
| CSC Cleaning | ₹ 49.08per Event/Day |
Important FAQs (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी)
सरकार ने वाहन के स्वामित्व (Ownership) के आधार पर दो अलग-अलग दरें तय की हैं: • यदि वाहन ग्राम पंचायत का है: ₹ 0.88 प्रति घर/प्रति दिन (संवेदक को केवल ड्राइवर, फ्यूल और लेबर देनी होगी)। • यदि वाहन संवेदक का है: ₹ 2.63 प्रति घर/प्रति दिन (इसमें वाहन का किराया, मेंटेनेंस, ड्राइवर, फ्यूल और लेबर सब शामिल है)।
संवेदक को तीन सख्त नियमों का पालन करना होगा: 1. Online Transfer: मजदूरी का भुगतान नकद (Cash) नहीं, सीधे बैंक खाते में। 2. Minimum Wages: भुगतान 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948' के अनुसार। 3. Proof Submission: अगले महीने का बिल जमा करते समय, पिछले महीने के भुगतान का सबूत देना अनिवार्य है।
सुरक्षा उपकरण (मास्क, ग्लव्स, जैकेट, जूते) देने की पूरी जिम्मेदारी संवेदक की है। यदि संवेदक किट नहीं देता है, तो ग्राम पंचायत बाजार से खरीदकर संवेदक के बिल से पैसा काट लेगी।
कचरे को जलाना सख्त मना है। संवेदक कचरे को केवल Dumping Yard या RRC Center पर ही डाल सकता है। नियम तोड़ने पर कानूनी कार्यवाही और जुर्माना लगाया जा सकता है।
• शिकायत निवारण: 24 घंटे के अंदर समाधान न होने पर ₹ 500 प्रतिदिन। • गाड़ी न आना: यदि सेवा नहीं दी गई, तो ₹ 1,500 प्रतिदिन की शास्ति (Penalty)।
• दैनिक रजिस्टर (Daily Register) • VWSC रिपोर्ट • तकनिकी अधिकारी (JTA/JEN/AEN) द्वारा प्रमाणित बिल • बैंक प्रूफ (लेबर भुगतान) • जीएसटी चालान
दर: ₹ 57.69 प्रति घन मीटर (Per Cubic Meter)। महत्वपूर्ण: भुगतान लंबाई (Running Meter) पर नहीं, बल्कि 'वास्तविक कचरे की मात्रा' (Actual Silt Quantity) के आधार पर होगा।
हाँ। राज्य स्तर से 'Online Tracking System' लागू होने पर, संवेदक को सभी वाहनों में GPS लगवाना अनिवार्य होगा ताकि लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सके।
सफल संवेदक (L1 Bidder) को उन लोगों को काम पर रखने में प्राथमिकता (Priority) देनी होगी जो गांव में परंपरागत रूप से सफाई का काम करते आ रहे हैं। यह उनकी आजीविका सुरक्षा के लिए है।
इसके लिए 'Cluster Approach' का प्रावधान है। यदि जमीन नहीं है, तो आस-पास की पंचायतों का क्लस्टर बनाकर एक साझा स्थान पर कचरा निस्तारण किया जा सकता है। दूरी बढ़ने पर अनुपातिक भुगतान का प्रावधान है।
Important Note
This information is summarized from official documents for ease of understanding. In case of legal disputes, the original Government Orders and RTPP Act provisions shall prevail.